tere phoolon se bhi pyar tere kanton se bhi pyar Lyrics Bhajan

Daivya Bhakti

tere phoolon se bhi pyar tere kanton se bhi pyar - Correct Lyrics

तेरे फूलों से भी प्यार तेरे काँटों से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे करतार

तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़
दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़
तुझे वंदन बार बार हम को करले तू स्वीकार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे करतार

हमको दोनो है पसंद तेरी धूप और छाँव
दाता किसी भी दिशा में ले चल ज़िंदगी की नाव
चाहे हमे लगादे पार या डुबो दे मझदार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे करतार

चाहे सुख दे या दुख चाहे खुशी दे या गम
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम
चाहे खुशी भरा संसार या दे आँसुओं की धार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे करतार



17


 
Go to Home Page